UPI New Update February: UPI चलने वाले के लिए 21 फरवरी से बदल गया नियम पेमेंट के बाद स्क्रीन पर दिखेगा।अकाउंट बैलेंस।
UPI New Update February:पूरे भारत भर में यूपीआई चलने वाले के लिए 21 फरवरी से बदल गया नियम अगर आप लोग भी यूपीआई चलते हैं तो आप लोग एक बार इस आर्टिकल को ध्यान पूर्वक जरूर पढ़ें क्योंकि नियम में बड़ा बदलाव किया गया है जो इसमें बताया गया है।अब जब भी आप यूपीआई से किसी को पेमेंट करेंगे, तो ट्रांजैक्शन पूरा होते ही आपके बैंक खाते में बची हुई राशि आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगी। पहले जब हम यूपीआई से भुगतान करते थे।
तो सिर्फ पेमेंट सक्सेसफुल का मैसेज आता था। लेकिन अकाउंट में कितना बैलेंस बचा है। ये जानकारी तुरंत नहीं मिलती थी। इससे कई बार लोग अंदाजे से ट्रांजैक्शन करते थे, और फालतू की पेमेंट या फेलियर की दिक्कतें सामने आती थीं। अब (एनपीसीआई) ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। हर यूपीआई ट्रांजैक्शन के बाद, पेमेंट कन्फर्मेशन के साथ ही स्क्रीन पर बैलेंस भी दिखेगा।
यूपीआई 50 बार अकाउंट बैलेंस चेक किया जाएगा।
एक दिन में सिर्फ 50 बार ही अकाउंट बैलेंस चेक किया जा सकेगा। यह लिमिट इसलिए लगाई गई है ताकि सिस्टम पर ज़्यादा लोड न पड़े और सर्वर धीमा न हो। यह नियम सभी प्रमुख यूपीआई ऐप्स जैसे फाने पे, पेटियम , गुगल पे, एमाजोन बीएचआईएम और सीआरईडी पर लागू होगा। कुल 10 ऐप्स को इस सुविधा में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, मेडिकल स्टोर्स, फास्टैग, ट्रांसपोर्ट टिकटिंग जैसे ऑटोमेटेड पेमेंट सिस्टमस में भी अब बैलेंस डिस्प्ले की सुविधा दी जाएगी। हालांकि, त्योहारों या सैलरी वाले दिनों में, जब ट्रैफिक ज़्यादा होता है, तब बैलेंस दिखाने में थोड़ी देरी हो सकती है।
यूपीआई में बदल गया नियम यहांसे देखें।
एनपीसीआई का कहना है कि यूपीआई सिस्टम पर बहुत ज्यादा लोड पड़ रहा है, खासकर पीक ऑवर्स (सुबह 10 से दोपहर 1 बजे और शाम 5 से रात 9:30 बजे) में। बार-बार बैलेंस चेक करना या ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक करने से सिस्टम स्लो हो जाता है। अप्रैल और मार्च 2025 में यूपीआई में दो बड़े आउटेज (सिस्टम डाउन होने की घटनाएं) हुए, जिससे करोड़ों यूजर्स को परेशानी हुई। इन बदलावों से सिस्टम को तेज, भरोसेमंद और बिना रुकावट वाला बनाने की कोशिश है।
सभी यूपीआई यूजर्स पर लागू हों ये बदलाव
ये नियम सभी यूपीआई यूजर्स पर लागू होंगे, चाहे आप फोन पे, गुगल पे, पेटियम, या कोई और यूपीआई एप इस्तेमाल करते हों। अगर आप बार-बार बैलेंस चेक नहीं करते या ट्रांजैक्शन स्टेटस रिफ्रेश नहीं करते, तो आपको ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। आम यूजर्स के लिए ज्यादा कुछ नहीं बदलेगा। आपका रोज का पेमेंट, बिल पेमेंट, या मनी ट्रांसफर उसी तरह काम करेगा। बस अगर आप दिन में 50 बार से ज्यादा बैलेंस चेक करते हैं, तो लिमिट. क्रॉस होने पर आपको रुकना पड़ेगा। ऑटो-पे पेमेंट्स अपने आप तय समय पर हो जाएं।